झाबुआ 14 मई, 2022 ! जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ द्वारा दिनांक 14 मई-2022 शनिवार को वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय झाबुआ सहित तहसील न्यायालय पेटलावद एवं थांदला में किया गया। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सैय्यदुल अबरार एवं मंचासीन सभी गणमान्य द्वारा महात्मा गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण व चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सैय्यदुल अबरार ने कहा कि अदालतों पर मुकदमों का अधिभार लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह अपने छोटे-छोटे मामलों व झगड़ों को आपसी सुलह समझौता के माध्यम से निराकरण कराएं। ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से न्यायालय के चक्कर न लगाना पडे़। इससे उनके समय व पैसे की बर्बादी नहीं होगी तथा पीड़ितों को सुगम, सस्ता व त्वरित न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि बार ऐसोसिएशन एवं अधिवक्ताओं के बिना हम लंबित प्रकरणों को निपटारा नहीं कर सकते है। हम लोगों का प्रयास होगा कि अधिवक्ताओं, पैनल अधिवक्ताओं के साथ मिलकर अधिक से अधिक प्रकरणों का निपटारा कर न्यायिक बोझ को कम किया जाए। कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश महेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला न्यायालय झाबुआ एवं तहसील न्यायालय पेटलावद तथा थांदला में 13 खण्डपीठो का गठन किया गया है संबंधित गठित खण्डपीठ में पक्षकार जाकर अपने प्रकरणों का निपटारा कर सकते है उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में लाया जाए ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिले। सचिव एवं जिला न्यायाधीश लीलाधर सोलंकी ने लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर कहा कि लोक अदालत के माध्यम से छोटे-छोटे मामलों का निष्पादन किया जाता है ऐसे कई मामलें होते है जिसमें लोग मानसिक रूप से परेशान रहते है। उक्त मामलों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर लोक अदालत में निराकरण किया जाएगा। कार्यक्रम में अभिभाषक संघ के अध्यक्ष दीपक भण्डारी ने कहा कि लोक अदालत पक्षकारों में एकता और भाईचारा बनाए रखने का एक सशक्त माध्यम है लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर प्रकरण के समाप्त करने में आपसी कटुता और बुराई समाप्त होती है। कार्यक्रम का संचालन न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम सिंह द्वारा किया गया तथा आभार एवं धन्यवाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं जिला न्यायाधीश लीलाधर सोलंकी ने माना। लोक अदालत के शुभारंम अवसर पर विशेष न्यायाधीश महेन्द्र सिंह तोमर, प्राधिकरण के सचिव/जिला न्यायाधीश लीलाधर सोलंकी, अपर जिला न्यायाधीश संजय चैहान, भरत कुमार व्यास, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौतम सिंह मरकाम, न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय पाल सिंह चैहान, पूनम सिंह, साक्षी मसीह, रवि तंवर, अभिभाषक संघ झाबुआ के सचिव शरदचन्द्र
शुक्ला, अधिवक्तागण, विभिन्न विभागों से आये हुये अधिकारी/कर्मचारी, सुलहकर्ता सदस्य, पैरालीगल वॉलिंटियर, न्यायालयीन कर्मचारीगण, पक्षकारगण एवं आमजन उपस्थित रहें।
दिनांक 14 मई-2022 को हुई नेशनल लोक अदालत में मृतक की पत्नि को मुआवजा राशि 42 लाख रूपये का अवार्ड पारित हुआ
दुर्घटना दिनांक 16.01.2021 को प्रार्थिया तारा बामन के पति केसरसिंह बामन की वाहन दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी जिसकी क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त करने के लिए प्रार्थिया तारा बामन आदि निवासी नया गांव जागीर तहसील मेघनगर जिला झाबुआ ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद सैय्यदुल अबरार के अधीन क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त करने के लिए दावा प्रस्तुत किया गया था जिसमें आज दिनांक 14 मई-2022 नेशनल लोक अदालत में विपक्षी बीमा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी से प्रार्थीगण ने आपसी राजीनामा रूपये 42 लाख में राजीनामा कर लिया। राजीनामा के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा रूपये 42 लाख अवार्ड पारित किया गया। प्रार्थीगण की ओर से हरिश खतेडिया अधिवक्ता द्वारा उक्त प्रकरण की पैरवी की एवं बीमा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से हेमेन्द्र प्रसाद अग्निहोत्री अधिवक्ता द्वारा पैरवी की गई थी।
माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमान मोहम्मद सैय्यदुल अबरार के निर्देशानुसार इस लोक अदालत के लिए न्यायालय झाबुआ/पेटलावद/थांदला हेतु कुल 13 खण्डपीठों का गठन किया गया था। 13 खण्डपीठों में न्यायालय के कुल प्रकरण 2176 में से कुल 214 प्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें कुल 674 व्यक्ति लाभांवित होकर अवार्ड राशि 27382808/- रूपये प्राप्त हुये एवं प्रीलिटिगेशन में कुल 5694 प्रकरण रख गये जिसमें कुल 246 प्रकरणों का निराकरण कर कुल 350 व्यक्ति लाभांवित होकर अवार्ड राशि 1715019/- रूपये पारित हुई। इस प्रकार न्यायालय एवं प्रीलिटिगेशन के कुल 460 प्रकरणों का निराकरण हुआ। लोक अदालत के माध्यम से कई पक्षकारों के मध्य आपसी मधुर संबंध स्थापित हुये।
सभी अधिवक्ता, लोक अदालत के खण्डपीठ के सदस्य, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी एवं न्यायालयीन कर्मचारियों का भी सराहनीय सहयोग रहा। आगामी नेशनल लोक अदालत दिनांक 13 अगस्त-2022 को पुनः आयोजित की जायेगी। लोक अदालत के माध्यम से जो भी पक्षकार अपना प्रकरण निराकरण करवाना चाहता है वह अपने संबंधित न्यायालय अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ में संपर्क कर सकते हैं। यह जानकारी एल.डी. सोलंकी ,जिला न्यायाधीश एवं सचिवजिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय झाबुआ मध्यप्रदेश द्वारा दी गई !
14 मई को द्वितीय नेशनल लोक अदालत संपन्न हुई-आंचलिक ख़बरें-राजेन्द्र राठौर

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