प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर यह चर्चा फिर तेज़ हो गई है कि देश में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेताओं की सूची में उनका स्थान कहां है। 9 जून 2024 को तीसरी बार शपथ लेकर नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया रिकॉर्ड बना दिया। अब सवाल यह है कि क्या वह इंदिरा गांधी और जवाहर लाल नेहरू के रिकॉर्ड को चुनौती दे पाएंगे?
देश में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वालों की सूची
जवाहर लाल नेहरू: 16 वर्ष 9 महीने 13 दिन
भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक देश की बागडोर संभाली।
-
वे लगातार तीन कार्यकालों तक प्रधानमंत्री रहे।
-
उनका कार्यकाल करीब 17 वर्षों का था।
-
27 मई 1964 को पद पर रहते हुए ही उनका निधन हुआ।
इंदिरा गांधी: 15 वर्ष 11 महीने 22 दिन
भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी चार बार देश की प्रधानमंत्री बनीं।
-
1966 में लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद पहली बार प्रधानमंत्री बनीं।
-
1967 और 1971 के चुनावों में जीत के बाद लगातार तीन कार्यकाल पूरे किए।
-
1975 में आपातकाल लागू किया, जिससे कार्यकाल 1977 तक खिंच गया।
-
चौथा कार्यकाल 1980–1984 तक चला।
-
31 अक्टूबर 1984 को उनकी हत्या हो गई।
नरेंद्र मोदी: 2014 से लगातार तीसरा कार्यकाल
नरेंद्र मोदी 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री बने और 2019 में पुनः पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लौटे।
-
9 जून 2024 को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
-
यह उपलब्धि उन्हें सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेताओं की सूची में तीसरे स्थान पर लाती है।
-
हालांकि, मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद भी वे इंदिरा गांधी के रिकॉर्ड से पीछे रहेंगे।
डॉ. मनमोहन सिंह: 10 वर्ष 5 दिन
भारत के पहले सिख प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक लगातार दो बार प्रधानमंत्री रहे।
-
दोनों कार्यकाल यूपीए सरकार के नेतृत्व में रहे।
-
कुल कार्यकाल 10 वर्ष 5 दिन का रहा।
अटल बिहारी वाजपेयी: तीन कार्यकाल
अटल बिहारी वाजपेयी का पहला कार्यकाल 1996 में सिर्फ 13 दिनों का रहा।
-
दूसरी बार 19 मार्च 1998 से 29 अप्रैल 1999 तक पद संभाला।
-
तीसरी बार 3 अक्टूबर 1999 से 10 मई 2004 तक प्रधानमंत्री रहे।
विश्लेषण: मोदी की पारी और भारतीय राजनीति
नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनकर भारतीय लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। यह उपलब्धि स्वतंत्र भारत के इतिहास में केवल जवाहर लाल नेहरू के पास थी। हालांकि, मोदी के तीसरे कार्यकाल के बाद भी वे इंदिरा गांधी के कुल कार्यकाल से पीछे रहेंगे।
सीख और संकेत
-
लगातार चुनावी सफलता से स्थिर शासन और नीति-निर्माण में निरंतरता मिलती है।
-
भारत के मतदाता अब नेतृत्व की स्थिरता को महत्व देने लगे हैं।
-
दीर्घकालिक नेतृत्व देश की विदेश नीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुधारों पर गहरा असर डालता है। Also Read This-पीएम मोदी: 11 साल में 78 देश, 92 विदेश यात्राएं

