निसिंग/31जुलाई (जोगिंद्र सिंह)।विश्व मानव दुर्व्यापार निषेध दिवस के अवसर गैर सरकारी संगठन एम डी.डी.आफ इंडिया ने गांँव साम्भली में ट्रैफिकिंग के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान लोगों को ट्रैफिकिंग के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई।
कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के साथ मिलकर एम डी डी आफ इंडिया अर्से से स्कूलों, आंगनबाड़ियों, पंचायतों के साथ घर-घर जाकर बच्चों की ट्रैफिकिंग और बाल मजदूरी के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहा है और लोगों को बच्चों की ट्रैफिकिंग रोकने की शपथ दिला रहा है। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के 2021 के आंकड़ों से पता चलता है कि देश में हर घंटे में नौ बच्चे लापता होते हैं, जबकि रोजाना आठ बच्चे ट्रैफिकिंग के शिकार होते हैं। रिपोर्ट बताती है कि 2021 में देश 77535 बच्चे लापता हुए जो 2021 के मुकाबले 31 फीसद ज्यादा है।
देश में बच्चों की ट्रैफिकिंग के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए एम डी डी आफ इंडिया के जिला सह परियोजना समन्वयक रामेश्वर दास ने कहा कि “यह तथ्य कि आज ज्यादा से ज्यादा लोग बच्चों के लापता होने की जानकारी देने सामने आ रहे हैं, अपने आप में एक बड़ा बदलाव है।इस अवसर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरपंच संजीव साम्भली ने कहा कि संस्था बच्चों के हितों के लिए अच्छा कार्य कर रही है। मास्टर व देश के रक्षक रहे गुरध्यान सिंह ने बताया कि लोगों को अपने अपने बच्चों का ध्यान रखना चाहिए और इन सब के प्रति विषयों के प्रति जागरूक रहना चाहिए, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता महाबीर मैहला ने कहा कि संस्था बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए काम कर रही है।इस अवसर पर महाबीर मैहला ने मंच संचालन करते हुए सामाजिक बुराइयों बाल विवाह, बाल मजदूरी पर भी चर्चा कर लोगो को जागरूक किया। इस मौके पर सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण कुमार, ईंकु कुमार,दीपक कुमार, गांव के युवा प्रवीण लाईब्रेरी टीचर, राकेश शर्मा ब्लाक समिति सदस्य, अशोक शर्मा समाजसेवी गांव की सभी आशा वर्कर, बच्चे, बुजुर्गों व महिलाओं ने हिस्सा लिया।
बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ चलाया जनजागरूकता अभियान

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