ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ के तत्वाधान में शनिवार 5 मार्च को माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश मोहम्मद सैय्यदुल अबरार के निर्देशानुसार एवं अपर जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ लीलाधर सोलंकी की अध्यक्षता में जिला जेल झाबुआ में विधिक साक्षरता शिविर एवं जेल निरीक्षण का आयोजन किया गया। प्राधिकरण के सचिव लीलाधर सोलंकी ने जिला जेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में जेल के अंदर सब कुछ सामान्य मिला। किसी कैदी ने किसी प्रकार की शिकायत नहीं की। इस मौके पर सोलंकी ने कैदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, प्ली बारगेनिंग के साथ ही कैदियों को अधिकारों और दायित्वों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान कुछ बंदियों ने अधिवक्ता मुहैया करवाने की मांग की इसके बाद जेलर को इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए। शिविर में बंदियों की समस्याऐं भी सुनी गई और उनके समाधान का आश्वासन दिया गया। सोलंकी ने विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रचलित योजनाओं के विषय में अवगत कराते हुये यह बताया गया कि शिविर का उद्देश्य जेल में निरूद्ध बंदियों को विधिक जानकारी प्रदान किया जाना है तथा यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बंदी को हर दशा में न्याय प्राप्त हो। यदि किसी बंदी के पास अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अपने मुकदमे की पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा प्रदान की जाती है।
जेल में लीगल एड क्लीनिक की स्थापना की गई है जिससे किसी बंदी को कोई समस्या हो तो वह जेल में स्थापित लीगल एड क्लीलिक के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। इस दौरान महिला बैरक तथा जेल अस्पताल का भ्रमण किया गया। सहायक अधीक्षक भीमसिंह रावत द्वारा बताया गया कि जिला करागार में कुल 323 बंदी है, जिनमें पुरूष 314 बंदी एवं महिला 09 बंदी है। महिला बंदियों द्वारा बताया गया कि समय से नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जाता है किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है ।