नई दिल्ली, 19 फरवरी। कालेज खुलने की खुशी हमारे लिए क्या है, आप समझ नहीं सकते। एक समय ऐसा आ गया था कि हमे परिवार वाले ही कहने लगे थे कि आप खूद पूछो की कब से कालेज लगेंगे। अत; गुरूवार 17 फरवरी 2022 को हमारे कालेज खुल गए, जिसकी खुशी मैं बयां नहीं कर सकती। यह कहना है दयाल सिंह कालेज की बीए इकों में दूसरे वर्ष की छात्रा मोनिका की।
मालूम हो कि कोविड -19 महामारी के दो साल से अधिक गुजर जाने के बाद अखिरकार गुरूवार से दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कालेजों में पहले की तरह पढाई शुरू करने के आदेश दे दिए गए है। शुक्रवार को कालेज खुलने का दूसरा दिन था। इस दौरान कई कालेजों मंे पढाई के साथ-साथ स्पोर्टस की भी कोचिंग शुरू होती देगी गई। इस दौरान वहां मौजूदा खिलाडियों से कालेज में स्पोर्टस कोचिंग की शुरूआत को लेकर चर्चा की गई।
एथलेटिक्स की खिलाडी मोनिका बताया मैरी मम्मी तो हमारे घर में खाने और सो जाने के आलस से परेशान होकर कालेज में जाकर खूद अभ्यास करने की बात कह डाली थी, ताकि हम वहां तो कुछ फिटनेस करें।
वालीवाल खिलाडी व बीए प्रोगाम की प्रथम वर्ष की छात्रा पिंकी ने कहा कि कालेज में आकर उसको काफी अच्छा लग रहा है। अब हम अपने खेल की प्रैक्टिस कर सकें। रेवाडी से दिल्ली आकर पढाई करने वाली सरस्वती ने कहा कि वह एक एथलीट है। दयाल सिंह कालेज में वह बीएससी फिजिकल की छात्रा है। उसने बताया कि पिछले दो साल से अपने ही गांव में अभ्यास कर रही थी। मगर कालेज में आकर प्रतियोगिता की तैयारी करना उनके लिए काफी अच्छा है। क्योंकि यहां नई नई तकनीक उनको कोचों द्वारा सीखने को मिलती है,जिसका फायदा उनको मिलेगा। बीएससी लाइफ साइंस की जान्हवीं एक युवा महिला क्रिकेट खिलाडी है। उसको कालेज मंे फिटनेस करना अच्छा रहा। संस्कृत आनर्स के वंशीत, देव कुमार बीएस आनर्स, देवांशी हिन्दी आनर्स, मानसी बीए प्रोगाम की छात्राओं का भी एकमत था कि कालेज खुलने से हम खिलाडियों को सबसे अधिक फायदा मिला है, जहां से हम खेलों में अपने भविष्य की तैयारी करने का मौका मिलेगा। इस संबंध में दिल्ली के एथलेटिक्स कोच व फिटनेस टृेनर विकास कुमार ने हमें बताया पिछले तीन सालों से कालेज के खिलाडी छात्रों का अभ्यास से जुडना ना के बराबर था। क्योंकि किसी को नहीं पता था कालेज कब खुलेंगे। कोरोना महामारी के लगभग मुक्त हो जाने के बाद अब कालेज खुल गए है। जिसके साथ कालेजों में खिलाडियों का अभ्यास के लिए आना शुरू हो गया है। यहां से कालेजों में विभिन्न खेल स्पर्धा में कडा अभ्यास करने वाले खिलाडियों को अंतर कालेज प्रतियोगिता में खेलने का अवसर मिलेगा। अंतर कालेज प्रतियोगिता कब होगी, हालांकि इसका अभी पता नहीं है। क्योंकि इसका फैसला दिल्ली विश्वविद्यालय के खेल विभाग पर निर्भर करेगा। फिलहात तो खिलाडी अपनी तैयारियों में जुट गए है।
कालेज के मैदानों की भी लौटी रोनक खिलाडियों व प्रशिक्षकों में खुशी का माहौल-आंचलिक ख़बरें-विजय कुमार

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