मनरेगा मजदूरों को 30 दिन की अतिरिक्त दिहाड़ी का भुगतान करे सरकार:राजेश वैध

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जोगिंद्र सिंह

कांग्रेस सरकार आने पर सभी गरीबों की छत होगी पक्की

निसिंग/28 जुलाई(जोगिंद्र सिंह)।जान-माल के भयंकर नुकसान के बावजूद अब तक बीजेपी-जेजेपी सरकार नहीं जागी है। ऐसा लगता है कि सरकार ने बाढ़ पीड़ित जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया है। उक्त विचार हरियाणा लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि प्रोफेसर राजेश वैध ने गाँव लल्याणी में ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये।राजेश वैध 6 अगस्त को करनाल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड़्डा के जनमिलन कार्यक्रम का न्योता देने के लिए ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे।
वैध ने बताया कि जनता को सरकार की कारगुजारियों का भारी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। शहरों में सीवरेज और गांव में ड्रेन की सफाई नहीं होने की वजह से जलभराव की समस्या ने विकराल रूप लिया है। हर बारिश के बाद शहर की गलियों और सड़कों पर पानी खड़ा हो जाता है। खेतों में भी कई-कई फीट पानी खड़ा हुआ है। पूरे हरियाणा में किसानों की लाखों एकड़ फसल बर्बाद हो गई। जलभराव की स्थिति को देखते हुए लग रहा है कि अगले सीजन के लिए भी बुवाई संभव नहीं है और ये खुलासा हो चुका की बीमा कंपनियां जितना प्रीमियम किसान , केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार से लेती है। उसका मुवावजे के रूप में 10% भी नहीं लौटाती है। बीजेपी जेजेपी सरकार कंपनियों की मददगार है। आम जनता तो मदद के लिए तरसती है। बहरहाल आपदा में जनता की मदद करना सरकार का काम है ,ऐसे में किसान व आम जनता की मदद के लिए सरकार को हरसंभव कदम उठाना चाहिए। कांग्रेस की मांग है कि सरकार किसानों को 40 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दे। पानी भरने की वजह से खेतों में लगी पानी की मोटर और पंपसेट भी खराब हो गए हैं। खेत में बने तमाम कोठडे भी डूब चुके हैं। इसके लिए भी किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। किसानों के सामने पशुओं के लिए चारे की भारी किल्लत खड़ी हो चुकी है। सरकार को चारे की व्यवस्था करवानी चाहिए। साथ ही मकानों, दुकानों व कारोबार मे हुए नुकसान की भरपाई भी तुरंत प्रभाव से की जानी चाहिए।
राजेश वैध ने कहा कि बाढ़ की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब तबके को उठाना पड़ा है। गांव के खेती मजदूरों तो इस बार काम भी नहीं मिल पाया। ऐसे में सरकार को मनरेगा मजदूरों को कम से कम 30 दिन की अतिरिक्त दिहाड़ी का भुगतान करना चाहिए। जनता को राहत देने के साथ जल निकासी के लिए सरकार को युद्ध स्तर पर काम करना होगा।राजेश वैध ने कहा कि मौसम विभाग के अलर्ट के बावजूद बीजेपी-जेजेपी सरकार ने वक्त रहते कदम नहीं उठाए। प्रत्येक गांव में लोगों ने बताया कि पिछले कई सालों से सरकार ने ड्रेन्स की सफाई नहीं करवाई है। ड्रेन, नदियों और नहरों के तटबंधों को भी मजबूत नहीं किया गया। इस वजह से लगभग पूरे हरियाणा को बाढ़ का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं अवैध खनन करके खनन माफिया ने नदियों के बहाव का रुख ही मोड़ दिया। अवैध खनन का यह कार्य सरकार के संरक्षण में चल रहा है। यह भी बाढ़ का बहुत बड़ा कारण साबित हुआ। उन्होंने कहा कि पहले से आपदा की मार झेल रही जनता को सरकार जानबूझकर पोर्टल के हवाले कर रही है। ऐसा करके वह अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। क्योंकि सरकार की मंशा पीड़ितों को मुआवजा देने की नहीं बल्कि टालमटोल करने की है। कांग्रेस की मांग है कि सरकार पोर्टल का जंजाल बिछाने की बजाए जनता की तरफ राहत का हाथ बढ़ाए। इस अवसर पर सरपंच मनोज नाथ, पूर्व सरपंच वीरभान वाल्मीकि, रवि नाथ, एडवोकेट विश्वनाथ शर्मा, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कर्मचारी यूनियन के पूर्व प्रधान पोली राम, पूर्व पार्षद पूजा रानी,नाथी राम,शकुंतला देवी, मास्टर मेहरचंद, सत्यनारायण, अशोक वैध, जगदीश चंद,रमेश चौहान,सतपाल और बलराज सहित सेंकड़ो ग्रामीण उपस्थित रहे

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