मुंबई कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार परिषद, मनरेगा और नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर मोदी सरकार पर साधा निशाना
डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें
- मुंबई कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार परिषद, मनरेगा और नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर मोदी सरकार पर साधा निशाना
- मनरेगा गरीबों के अधिकारपूर्ण रोजगार की ऐतिहासिक योजना
- प्रधानमंत्री की टिप्पणी और भाजपा की मंशा पर सवाल
- नेशनल हेराल्ड मामला राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण
- अदालत के फैसले से भाजपा की राजनीति बेनकाब
- मोदी और शाह से इस्तीफे की मांग
मोदी सरकार द्वारा मनरेगा योजना में किए गए तथाकथित “सुधार” ग्रामीण गरीबों के पेट पर लात मारने जैसे हैं। सरकार करोड़ों ग्रामीण मजदूरों से उनका संवैधानिक अधिकार छीन रही है। मनरेगा का नाम बदलना केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि महात्मा गांधी, ग्राम स्वराज और श्रमिकों की गरिमा का अपमान है। यह तीखा आरोप अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और सांसद कुमारी शैलजा ने लगाया।
मनरेगा गरीबों के अधिकारपूर्ण रोजगार की ऐतिहासिक योजना
मुंबई कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि देश के गरीबों को अधिकारपूर्ण रोजगार देने के उद्देश्य से सोनिया गांधी के दूरदर्शी नेतृत्व और डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने मनरेगा योजना की शुरुआत की थी।
उन्होंने कहा कि 100 दिनों के रोजगार की गारंटी देने वाली यह योजना करोड़ों गरीब परिवारों के लिए जीवनरेखा बनी। कोविड संकट के दौरान मनरेगा ने लाखों जरूरतमंदों को सहारा दिया, लेकिन इसके बावजूद भाजपा सरकार इस योजना को कमजोर करने पर तुली हुई है।
प्रधानमंत्री की टिप्पणी और भाजपा की मंशा पर सवाल
कुमारी शैलजा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में मनरेगा को लेकर “खड्डे खोदने का काम” और “कांग्रेस का जीवित स्मारक” जैसी टिप्पणियां की थीं, जो गरीबों और श्रमिकों का अपमान है।
भाजपा सरकार मनरेगा के जरिए न केवल महात्मा गांधी का नाम मिटाने की कोशिश कर रही है, बल्कि ग्रामीण गरीबों की आजीविका भी छीन रही है। यह गरीबों के साथ घोर अन्याय है।
नेशनल हेराल्ड मामला राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण
नेशनल हेराल्ड मामले पर बोलते हुए सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि मोदी सरकार ने जांच एजेंसियों का राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर कांग्रेस पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को वर्षों तक बिना किसी अपराध के निशाना बनाया गया, मीडिया ट्रायल कराया गया और अनावश्यक उत्पीड़न किया गया।
अदालत के फैसले से भाजपा की राजनीति बेनकाब
कुमारी शैलजा ने कहा कि माननीय न्यायालय द्वारा याचिका खारिज किया जाना इस बात का प्रमाण है कि पूरा मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित था, न कि कानून के आधार पर।
यह फैसला भाजपा सरकार द्वारा संस्थाओं के दुरुपयोग और विपक्ष की आवाज दबाने की राजनीति के मुंह पर करारा तमाचा है।
मोदी और शाह से इस्तीफे की मांग
सांसद कुमारी शैलजा ने मांग की कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को बेवजह बदनाम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
पत्रकार परिषद में मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजसंह तथा पूर्व नगरसेविका एवं महिला कांग्रेस की मुंबई अध्यक्ष ट्यूलिप मिरांडा भी उपस्थित रहीं।

