संघ का ध्येय हिंदू समाज को संगठित रखना: शरद चंद्र उपाध्याय

Anchal Sharma
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मीरजापुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तीन दिवसीय प्रारंभिक शिक्षा वर्ग शुरू

डिजिटल डेस्क | आंचलिक ख़बरें |

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मीरजापुर की ओर से नगर, सदर और कोन खंड के स्वयंसेवकों के लिए तीन दिवसीय प्रारंभिक शिक्षा वर्ग का शुभारंभ शनिवार को लोहिया तालाब स्थित शिवनाथ मैरिज लॉन में किया गया। वर्ग का उद्घाटन जिला संघचालक शरद चंद्र उपाध्याय और वर्ग कार्यवाह संतोष मिश्रा ने संघ के संस्थापकों के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया।

सकल हिंदू समाज को संगठित करना संघ का मूल उद्देश्य

इस अवसर पर जिला संघचालक शरद चंद्र उपाध्याय ने कहा कि अपनी सभ्यता और संस्कृति को अक्षुण्ण रखते हुए संपूर्ण हिंदू समाज को संगठित करना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मूल ध्येय है। उन्होंने कहा कि असंगठित समाज हमेशा कमजोर रहता है और इसी कमजोरी के कारण देश को लंबे समय तक परतंत्रता का सामना करना पड़ा। संघ समाज को एकजुट कर भविष्य में ऐसे संकटों से देश को बचाने का कार्य कर रहा है।

संघ के इतिहास और संस्थापकों के योगदान पर प्रकाश

अपने संबोधन में शरद चंद्र उपाध्याय ने संघ के इतिहास पर विस्तार से चर्चा की और डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार तथा गुरुजी के योगदान को याद किया। उन्होंने स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि वे पूरे मनोयोग और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें, ताकि समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी भूमिका निभा सकें।

विभिन्न खंडों के स्वयंसेवक ले रहे प्रशिक्षण

प्रारंभिक शिक्षा वर्ग में नगर सहित विभिन्न खंडों के स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान संघ के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे और प्रशिक्षण वर्ग की व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से योगदान दिया।

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