खेती-बाड़ी को आसान बनाने के लिए किसान करें मशीनों कंपनी के कृषि यंत्रों का प्रयोग:कपिल शर्मा

News Desk
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जोगिंद्र सिंह
धान कटाई के बाद सुपर सीडर मशीन से किसान करे गेहूं की बुवाई

निसिंग/28जुलाई (जोगिंद्र सिंह)। मशीनों कृषि यंत्र प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजर कपिल शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को आधी कीमत पर नए कृषि यंत्र खरीदने का मौका दे रही है। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। शर्मा ने बताया कि नई-नई टेक्नोलॉजी आने से किसानों के लिए फसलों की बुवाई से लेकर कटाई तक का काम आसान हुआ है। खेती की लागत कम करने और आय बढ़ाने की दिशा में हरियाणा सरकार किसानों को आधी कीमत पर कृषि यंत्रों को खरीदने पर सब्सिडी दे रही है। उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि में यंत्रीकरण का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है यंत्रीकरण से कम समय में अधिक कार्य कुशलता के साथ किए जा सकते हैं। नई और उन्नत तकनीक से किसानों ने फसल की पैदावार में वृद्धि देखी है। जहां पहले समय में किसान हल और खेती से खेती करते थे, वही आज के समय में किसान कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से किसान अपना समय बचाने के साथ-साथ मुनाफा भी कमा रहे है।आधुनिक कृषि उपकरणों से किसानों को खेती करने में बहुत आसानी हो रही है। कृषि उपकरण इतने आधुनिक हो गए है जिससे की किसान का कार्य आसान हो गया हैं और इन उपकरणों से किसानों का पैसा, समय और श्रम तीनों ही बच जाते है। मशीनों कम्पनी के कृषि उपकरण कटाई और बुवाई के काम को थोड़े ही समय में पूर्ण कर देते है और इससे श्रम और लागत में भी कमी होती हैं। जिस तरह से कृषि कार्य में कृषि उपकरणों का ज्यादा उपयोग हो रहा है उसे देखते हुए केंद्र और राज्य की सरकारें किसानों को कृषि उपकरणों पर बहुत सी सरकारी योजना के लिए सब्सिडी प्रदान करती है।सरकार द्वारा चलाई जा रही इन योजनाओं की वजह से आज किसान कृषि उपकरणों का इस्तेमाल कर पा रहे हैं। यह योजनाएं कृषि में लागत को काम करती है और उत्पादन को बढ़ाती हैं। कृषि उपकरणों का मूल्य अधिक होने से बहुत से किसानों के लिए यह उपकरण खरीद पाना मुश्किल होता हैं। इस मुश्किल के कारण किसानों को खेती में काफी नुकसान उठाना पड़ता हैं। किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार किसानों को कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दे रही हैं। धान के बाद किसानों को खेत में गेहूं की बुवाई करनी पड़ती है है। पहले धान के अवशेष का कोई समाधान नहीं होने के कारण उन्हें जलाना पड़ता था। किसान धान के अवशेषों में सुपर सीडर से गेहूं की बुवाई करते हैं तब से ही पराली जलाने में कमी आई है। पराली जलाने से खेत की मिट्टी इन अवशेषों में पाये जाने वाले महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से वंचित रह जाते हैं। पराली किसान ना जलाए और उनकी खेतों की समय से बुवाई हो, इसके लिए कृषि वैज्ञानिक भी धान की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई सुपर सीडर से करने की सलाह देते हैं। बस्तली के प्रगतिशील किसान सुरेंद्र ने बताया कि धान कटाई के बाद वेस्ट मैनेजमेंट की सबसे बड़ी समस्या रहती थी इसके समाधान के लिए मशीनों का सुपर सीडर एक कामयाब कृषि यंत्र है। इससे किसानों की डीजल और समय के साथ लग रही लागत एक तिहाई कम हो जाएगी।सुपर सीडर के इस्तेमाल से अब तीन बार ट्रैक्टर चलाने की बजाय अब एक ही बार में काम हो जाता है।

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